न्यूज स्टॉपेज डेस्क
विश्व यक्ष्मा दिवस के अवसर पर 24 मार्च 2026 को रांची में प्रभातफेरी निकाली जाएगी और यक्ष्मा उन्मूलन को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्लोगन के जरिए लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ना और यक्ष्मा उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करना है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और जागरूकता फैलाने में सहयोग करें।
सार्वजनिक कार्यक्रमों में टीबी मरीजों को बुलाने पर जताई चिंता
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी रांची, डॉ सिद्धेश्वर बास्के ने पोषण किट वितरण समारोह को लेकर अहम सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि यक्ष्मा रोगियों को सार्वजनिक स्थानों पर बुलाना संक्रमण के जोखिम को बढ़ा सकता है और यह संवेदनशील वर्ग (vulnerable populations) की सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है।

परिजनों को किट सौंपने और स्क्रीनिंग की सलाह
डॉ बास्के ने सुझाव दिया कि पोषण किट सीधे मरीजों के परिजनों को सौंपना अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकता है। साथ ही इस प्रक्रिया के दौरान परिजनों की स्क्रीनिंग भी की जा सकती है, जिससे संक्रमण की रोकथाम में मदद मिलेगी।
नीतियों में सतर्कता की जरूरत
उन्होंने यह भी कहा कि केवल राजनीतिक प्रचार-प्रसार पर केंद्रित नीतियों से सावधान रहना जरूरी है और स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि यक्ष्मा उन्मूलन अभियान प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सके।
