न्यूज स्टॉपेज डेस्क
रांची नगर निगम ने अपनी परिसंपत्तियों के सुदृढ़ प्रबंधन और अवैध कब्जा हटाने के लिए सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। 14 मार्च 2026 को प्रशासक सुशांत गौरव की अध्यक्षता में निगम पदाधिकारियों और कर्मियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि निजी स्वार्थ के लिए कब्जा किए गए सरकारी भवनों और कम्युनिटी हॉल की सघन जांच कर उन्हें कब्जामुक्त कराया जाएगा और आवश्यक होने पर भवनों में ताला लगाया जाएगा।
साथ ही नवचयनित वार्ड पार्षदों के लिए वार्ड कार्यालय भवनों की मरम्मत, रंग-रोगन और आवश्यक सुविधाओं को दुरुस्त किया जाएगा। इनमें पेयजल, विद्युत, शौचालय और फर्नीचर जैसी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जाएगा।
निगम भूमि की सुरक्षा और कब्जा मुक्त कराने की योजना
बैठक में निर्देश दिया गया कि सभी वार्डों में निगम की खाली और सरकारी भूमि की सघन जांच, मापी और सीमांकन कराया जाए, ताकि भविष्य की विकास योजनाओं के लिए यह भूमि सुरक्षित और जनोपयोगी बनी रहे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अवैध कब्जों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द कब्जामुक्त कराया जाए।
गिफ्ट डीड भूमि और सार्वजनिक संपत्तियों पर निगरानी
नगर निगम ने शहर की सभी गिफ्ट डीड भूमि पर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया है। ऐसी भूमि पर अतिक्रमण करने वाले व्यावसायिक भवनों को चिन्हित कर नगर निवेशक शाखा के माध्यम से उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक होने पर भवनों को सील करने की चेतावनी भी दी गई है। इसके अलावा सार्वजनिक स्थलों, दीवारों और निगम परिसंपत्तियों पर अवैध विज्ञापन लगाने वालों को सीसीटीवी के माध्यम से चिन्हित कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
स्वच्छता और जनसुविधाओं पर भी जोर
सभी वार्डों में सुलभ शौचालय, कम्युनिटी हॉल, मॉड्यूलर टॉयलेट और अन्य सार्वजनिक शौचालयों में स्वच्छता, सुंदरता और सुगमता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि आम नागरिकों को बेहतर जनोपयोगी सुविधाएं मिल सकें।
प्रशासक की सख्त चेतावनी
बैठक में प्रशासक सुशांत गौरव ने स्पष्ट कहा कि रांची नगर निगम शहर के समग्र विकास और आम नागरिकों की सुविधा के लिए लगातार कार्य कर रहा है। निगम की परिसंपत्तियां सार्वजनिक संपत्ति हैं और उन्हें नुकसान पहुंचाने या अवैध रूप से कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में अपर प्रशासक संजय कुमार, उप प्रशासक रविंद्र कुमार, सभी सहायक प्रशासक, सहायक लोक स्वास्थ्य पदाधिकारी, नगर प्रबंधक, इनफोर्समेंट टीम और परिसंपत्ति अधीक्षक मौजूद थे।
